हम सभी जानते हैं कि सूर्य के उदय(Rise) होने से पहले तथा सूर्य के अस्त होने के बाद(After Sunset) सूर्य का प्रकाश पृथ्वी पर नहीं पड़ती परंतु फिर भी हमें वस्तुएं साफ-साफ दिखाई पड़ती है कैसे ?
हमारे वायुमंडल(Atmosphere) में बहुत से छोटे-छोटे कण(Tiny Particles) है जब कोई प्रकाश स्रोत(Light Source) या सूर्य से प्रकाश हमारे वायुमंडल में प्रवेश करता है तो प्रकीर्णन(Scattering) के वजह से प्रकाश चारों ओर फैल जाती है।
जहां सूर्य का प्रकाश यानी धूप नहीं जा पाती है जैसे कमरे, वहां की भी वस्तुएं हमें दिखाई देती है क्योंकि जब सूर्य का किरण वायुमंडल के कणों पर पड़ती है यानी कणों से टकराती है तो प्रकाश की किरणें वहां से चारों ओर फैल जाती है और वह फैला हुआ प्रकाश भी फिर किसी अन्य कण से टकराने के बाद फिर फैल जाता है। इस प्रकार एक प्रकाश की किरण से बहुत से प्रकाश की किरण बन जाती है इसीलिए प्रकाश वहां भी पहुंच जाता है जहां धूप नहीं रहती है यही प्रक्रिया(Process) प्रकीर्णन(Scattering) कहलाती है ।
सूर्य के अस्त हो जाने के बाद या सूर्य के उदय होने से पहले भी हमें वस्तुएं दिखाई देती है इनका दिखाई देने का कारण है प्रकीर्णन(Scattering) । सूर्य के अस्त हो जाने के बाद तथा सूर्य के उदय होने से पहले धूप हमारे पृथ्वी के सतह से ऊपर होती है यानी इस वक्त धूप पृथ्वी की सतह पर नहीं पड़ती तथा सूर्य का प्रकाश हमारे वायुमंडल में पृथ्वी के सतह से ऊपर होती और पृथ्वी के सतह से ऊपर मौजूद कण इन सुर्य के किरणों से टकराती है। प्रकाश की किरणें कणों से टकराते हुए हम तक आती है जिससे हम आस-पास किसी भी वस्तु को सूर्य के उदय होने से पहले या अस्त होने के बाद भी देख पाते हैं।
