हमारे वायुमंडल(Atmosphere) में बहुत से छोटे-छोटे कण(Partical) है। जब कोई प्रकाश स्रोत(Light Source) या सूर्य से प्रकाश हमारे वायुमंडल(Atomsphere) में प्रवेश करता है तो प्रकीर्णन(Scattering) के वजह से प्रकाश चारों ओर फैल जाती है।
जब सूर्य के किरण वायुमंडल(Atomsphere) के कणों पर पड़ती है यानी टकराती है तो प्रकाश की किरने वहां से चारों ओर फैल जाती है और वह फैला हुआ प्रकाश भी फिर किसी अन्य कण से टकराने के बाद फिर फैल जाता है इस प्रकार एक प्रकाश की किरण से बहुत से प्रकाश की किरण बन जाती है परंतु इनका तरंगदैध्र्य(Wavelength) कम होता है यही प्रक्रिया(Process) प्रकीर्णन(Scattering) कहलाती है ।
बारिश के बाद वायुमंडल(Atomsphere) साफ हो जाता है अर्थात वायुमंडल(Atomsphere) में, मौजूद बहुत से कण, जिनका द्रव्यमान(Mass) ज्यादा होता है, बारिश की बूंदों के साथ पृथ्वी पर आ जाते हैं और जिनका द्रव्यमान कम होता है वह वायुमंडल में ही रह जाते हैं परंतु बहुत से कण जिनका द्रव्यमान ज्यादा है वह पृथ्वी पर आ जाते हैं जिससे बारिश के बाद वायुमंडल(Atomsphere) साफ हो जाता है और हमें वस्तुए हमें बहुत साफ साफ और खूबसूरत दिखाई पड़ता है।
बहुत से कण जिनका द्रव्यमान ज्यादा होता है वह पानी के बूंद के साथ पृथ्वी पर आ जाते हैं तो प्रकीर्णन(Scattering) कम हो जाता है जिससे सूर्य का प्रकाश सीधे पृथ्वी पर पड़ता है सूर्य के प्रकाश को रुकावट के लिए बहुत कम कण मिलते हैं जिससे सूर्य के किरणें बिना किसी कण से टकराया सीधे पृथ्वी पर आ जाती है जिससे बारिश के बाद हमें धूप बहुत तेज लगती है यानी वायुमंडल(Atomsphere) जब साफ हो जाता है तो प्रकाश का प्रकीर्णन(Scattering of Light) कम हो जाता है तो प्रकाश बिना प्रकीर्णित सीधे पृथ्वी के सतह पर आती है जिससे हमें तेज धूप लगती है 


valuable information. Keep it up. God Bless you
ReplyDelete