जब आसमान में काले घने बादल छाए होते हैं और बारिश होने को होती है तब ऊमस यानी गर्मी क्यों बढ़ जाती हैं ?






जब आसमान में काले घने बादल छाए होते हैं और बारिश होने को होती है तब ऊमस यानी गर्मी क्यों पड़ती हैं ?

हमारे वायुमंडल(Atmosphere) में बहुत से छोटे-छोटे कण(Particles) हैं। पृथ्वी के सतह के पास इन कणों का घनत्व(Density) बहुत ज्यादा होता है। पृथ्वी की सतह से जैसे जैसे हम ऊपर जाते हैं घनत्व(Density) कम होता जाता है।

बादल पृथ्वी के सतह या वातावरण(Surrounding) को गर्म(Hot) और ठंडा(Cool) रखने में मदद करते हैं। जब सूर्य का प्रकाश सीधे इन बादलों पर पड़ता है तो वह परिवर्तित होकर अंतरिक्ष(Space) में चला जाता है जिससे पृथ्वी का सतह और वातावरण ठंडा रहता है। परंतु जब प्रकाश की किरण इन बादलों से ना टकराते हुए सीधे पृथ्वी की सतह से टकराती है और परिवर्तित होकर इन बादलों से टकराकर पुनः पृथ्वी की ओर लौट आती है जिससे पृथ्वी के सतह और वातावरण गर्म हो जाता है   



जब सूर्य से प्रकाश पृथ्वी की ओर आती है और पृथ्वी की सतह से टकराने के बाद वापस लौट जाती है तो वह परावर्तित प्रकाश(Reflected Light) पृथ्वी की सतह से बहुत ऊपर तक चली जाती है क्योंकि कोई बादल नहीं होता है या कोई इन परिवर्तित प्रकाश(Reflected Light) को रोकने वाला नहीं होता। परंतु जब काले घने बादल आ जाते हैं तो वह परावर्तित प्रकाश(Reflected Light) पृथ्वी की सतह और बादलों के बीच फंस जाता है। परंतु जब सफेद बादल होते हैं तब यह परिवर्तित प्रकाश(Reflected Light) पृथ्वी की सतह और इन सफेद बादलों के बीच नहीं फंसता क्योंकि इन सफेद बादलों का घनत्व कम होता है और परिवर्तित प्रकाश(Reflected Light) इन सफेद बादलों को पार कर पृथ्वी की सतह से बहुत ऊपर तक में चली जाती है।

                             जब बादलों का भार बढ़ने लगता है तब गुरुत्वाकर्षण बल(Gravitational Force) के कारण ये पृथ्वी की ओर नीचे आने लगते हैं। सुर्य का प्रकाश जब हमारे वायुमंडल में प्रवेश करता है तो पर प्रकीर्णन(Scattering) होने के बाद प्रकाश चारों ओर फैल जाता है परंतु जब आसमान में चारों ओर घने बादल छाए रहते हैं उस वक्त प्रकाश पृथ्वी के सतह से टकराकर यानी पृथ्वी से परिवर्तित(Reflect) होकर ऊपर जाने लगते हैं  परंतु बादलों का घनत्व(Density) ज्यादा होने के कारण वे फिर उन घने बादलों से टकराकर यानी बादलों से टकराने के बाद परिवर्तित(Reflecte) होकर पृथ्वी के सतह की ओर मुड़ जाते हैं और प्रकाश पुनः पृथ्वी की सतह से टकराने के बाद वापस ऊपर जाकर बादलों से टकराते हैं यह प्रक्रिया हमेशा चलती रहती है इस प्रक्रिया के दौरान प्रकाश पृथ्वी के सतह और घने बादलों के बीच फंस जाता है और बार-बार परिवर्तन होने के वजह से पृथ्वी के सतह पर गर्मी बढ़ जाता है।

                                और सूर्य की यह गर्मी यानी प्रकाश पृथ्वी की सतह और बादलों के बीच फंस जाता है जिससे पृथ्वी की सतह पर गर्मी बढ़ जाती है।
                                         बारिश से ठीक पहले, आसपास का वातावरण इतना गर्म हो जाता है कि पानी की कुछ मात्रा जमीन पर गिरे बिना हवा में ही वाष्पित(Vapor) हो जाती थी।

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