हम सभी जानते है की पृथ्वी की सतह(earth surface) के पास उच्च दबाव(high pressure) होता है और पृथ्वी की सतह(earth surface) से ऊपर (~ 50km) पे निम्न दबाव(low pressure) होता है तो हम सभी जानते है गैस(gas) या द्रव(fluid) उच्च दबाव(high pressure) से निम्न दबाव(low pressure) की और जाती है जब तक उनपे कोई बाहरी कार्य न हो इस हिसाब से वायुमंडल(atmosphere) में मौजूद गैसें को पृथ्वी की सतह(earth surface) से ऊपर चले जाना चाहिए परन्तु नहीं जाती है क्यों
यहाँ पे दाब के वजह से गैसे ऊपर जाना चाहती है परन्तु ग्रुत्वकर्षण के वजह से ये ऊपर नहीं जा पाती।
तथा हम सभी जानते है की गुरुत्वाकर्षण एक केवल आकर्षित करने वाला बल है।
गुरुत्वाकर्षण को केवल उस वस्तु की चाल और दाब ही संतुलित कर सकते है। तो यहाँ पे गैस की अनियमित चाल के वजह दाब उत्पन हो जाता है।
गैस की जो अपनी अनियमित(random) चाल होती है इसी अनियमित चाल के वजह से पृथ्वी के सतह पे दाब उत्पन हो जाता हैऔर ये दाब पृथ्वी के सतह के पास बहुत ज्यादा होता है क्युकी पृथ्वी के सतह के पास बहुत ज्यादा गैस के कण मौजूद होते है जिससे यहाँ पे दाब ज्यादा हो जाता है यही दाब गुरुत्वाकर्षण को संतुलन(Balance) बना के रखता है जिसके वजह से ये न तो ऊपर जा पाती है और न तो पृथ्वी के सतह पे आ पाती है
अगर गैस की चाल कम हो जाये तो वो पृथ्वी के सतह पे गिर जाएगी और अगर उनकी चाल ज्यादा हो जाये तो हमारे पृथ्वी के वायुमंडल के बाहर चली जाएँगी
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